Posts

घर जवाई

 विषय - पैसे लेकर बेटी की सगाई करना इस कुप्रथा को जन्म दिया है पिछली प्रथा ने जिसका नाम है आंटा सांटा। कुछ वर्षों से यह प्रथा लागू हुई कि जिसके घर पर साटा नही होगा उस लड़के को सगाई करनी है तो उसको घर जवाई बनकर 7 वर्ष रहना होगा। 7 वर्ष तक उनके वहां, कृषि कार्य तथा पशुपालन कार्य जैसे गौ, भैंस, ऊंट, भेड़, बकरी चराना इत्यादि करना कार्य करना होता था। 7 वर्ष पूर्ण करके घर लौटना होता था।

बेटियां घर की लक्ष्मी

 इसी विषय पर 1. जिस बेटी को लक्ष्मी कहते है उसी को व्यापार की वस्तु की तरह प्रयोग कर रहे है आप हमें दीजिये हम आपको?  क्या बेटी आदान प्रदान की वस्तु हैं ???  2. इस प्रथा में किसी आयु का कोई तय नही है माता पिता जब चाहे बेटी का रिश्ता तय लेते है चाहे वह छ: माह दूध पीती बच्ची ही क्यो न हो ?  3. बच्ची को अपना वर चुनने का कोई अवसर नही मिलता जिससे वह अपने गुण कर्म स्वभाव वाला पति मिलने से वंचित रह जाती है? माता पिता जहां भेजेंगे वहां जाना होगा ? 4. कही जगह ऐसा भी होता है जैसे आप 18 वर्ष या विवाह के योग्य बहु ला रहे है सामने वाले परिवार में आप छोटी बच्ची का रिश्ता तय करते है तो या तो आप 2 छोटी बेटी दो अर्थात (दो सांटे) यदि एक बेटी ही देंगे तो आपको कुछ मूल्य भी देना होगा जो कि 1 लाख तक होगा।  5. कही बार रिश्ते इसलिए भी टूट जाते है जैसे जिस घर से बहु लाये थे उसको हमारा घर पसंद नही है और हमारी बेटी जिस में जा रही है वह पसंद है लेकिन हमारी बहु हमें अच्छी नही लगी तो हम रिश्ता तोड़ देंगे तो एक नही दो दो रिश्ते टूट जाएंगे उसके बाद पुनः उसका रिश्ता ऐसे ही होगा जैसा पहले किया था।...